
अगर आप किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपको यह जानना चाहिए कि सैलरी के अलावा भी कंपनियां कर्मचारियों को कई तरह के बोनस देती हैं। हर कंपनी के नियम अलग हो सकते हैं, लेकिन आम तौर पर 8 से 10 तरह के बोनस दिए जाते हैं। इनमें कुछ बोनस कानून के अनुसार देना जरूरी होता है, जबकि कुछ अच्छे काम, कंपनी के मुनाफे या कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए दिए जाते हैं।
1. वैधानिक बोनस (Statutory Bonus)
यह बोनस बोनस भुगतान अधिनियम, 1965 के तहत दिया जाता है। जिन प्राइवेट कंपनियों में 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उनके लिए योग्य कर्मचारियों को यह बोनस देना जरूरी होता है। इसमें कर्मचारी को उसके बेसिक सैलरी और डीए (DA) के आधार पर कम से कम 8.33% और अधिकतम 20% तक बोनस मिल सकता है।
2. परफॉर्मेंस बोनस (Performance Bonus)
अगर कोई कर्मचारी अपने टारगेट पूरे करता है या उम्मीद से बेहतर काम करता है, तो कंपनी उसे परफॉर्मेंस बोनस देती है। यह बोनस सालाना, 6 महीने में या 3 महीने में भी मिल सकता है।
3. जॉइनिंग या साइन-ऑन बोनस (Joining/Signing Bonus)
कुछ कंपनियां नए कर्मचारी को जॉइन करते समय एकमुश्त रकम देती हैं। इसे जॉइनिंग या साइन-ऑन बोनस कहा जाता है। इसका मकसद अच्छे उम्मीदवार को कंपनी का ऑफर स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करना होता है।
4. रेफरल बोनस (Referral Bonus)
अगर कंपनी का कोई कर्मचारी अपने जान-पहचान के किसी योग्य उम्मीदवार को नौकरी के लिए रेफर करता है और उसकी भर्ती हो जाती है, तो रेफर करने वाले कर्मचारी को रेफरल बोनस दिया जाता है।
5. स्पॉट बोनस (Spot Bonus)
जब कोई कर्मचारी किसी मुश्किल काम को समय से पहले पूरा कर देता है या कोई बेहतरीन प्रदर्शन करता है, तो कंपनी उसे तुरंत इनाम के तौर पर स्पॉट बोनस देती है। यह आमतौर पर छोटी नकद राशि या गिफ्ट के रूप में होता है।
6. फेस्टिवल बोनस (Festival Bonus)
दिवाली, होली या अन्य बड़े त्योहारों के मौके पर कई कंपनियां कर्मचारियों को बोनस, गिफ्ट या अतिरिक्त राशि देती हैं। इसे फेस्टिवल बोनस कहा जाता है।
7. स्टॉक ऑप्शन (Stock Options/RSUs)
आईटी और बड़ी प्राइवेट कंपनियां कई बार कर्मचारियों को कंपनी के शेयर या शेयर खरीदने का अधिकार देती हैं। इससे कर्मचारी भी कंपनी की तरक्की और मुनाफे का फायदा उठा सकते हैं।
8. रिटेंशन बोनस (Retention Bonus)
अगर कंपनी किसी अच्छे कर्मचारी को अपने साथ बनाए रखना चाहती है या कोई बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा होता है, तो वह कर्मचारी को रिटेंशन बोनस ऑफर कर सकती है। इसका उद्देश्य कर्मचारी को नौकरी छोड़ने से रोकना होता है।
9. प्रॉफिट शेयरिंग बोनस (Profit-Sharing Bonus)
कुछ कंपनियां साल के अंत में अपने मुनाफे का एक हिस्सा कर्मचारियों के साथ बांटती हैं। इसे प्रॉफिट शेयरिंग बोनस कहा जाता है। यानी कंपनी जितना अच्छा मुनाफा कमाएगी, कर्मचारियों को भी उसका फायदा मिल सकता है।